
कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड… वही मैदान जिसने आजादी के आंदोलन की आवाज सुनी थी। वही मैदान आज फिर सियासत के नए शोर से गूंज रहा है। मंच पर प्रधानमंत्री, मैदान में हजारों समर्थक और हवा में चुनावी नारों की गूंज। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले यह रैली सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि सत्ता की जंग का खुला एलान बन गई है।
ब्रिगेड ग्राउंड से सियासी बिगुल
पश्चिम बंगाल की राजधानी Kolkata में आयोजित विशाल रैली में Narendra Modi ने राज्य की राजनीति पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि बंगाल में बदलाव अब सिर्फ नारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के दिलों में उतर चुका है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “बंगाल में निर्मम सरकार का अंत अब तय है।”
यह बयान सीधे तौर पर राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनकी सरकार पर निशाना माना जा रहा है।
18,680 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान
रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने करीब 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी की। इन परियोजनाओं में खास तौर पर बंदरगाह, जलमार्ग और व्यापार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत की क्षमता को दशकों तक नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब जल परिवहन और बंदरगाहों के जरिए विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
बंदरगाहों पर खास जोर
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने Haldia Dock Complex और कोलकाता पोर्ट के आधुनिकीकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में मशीनीकरण का काम तेज़ी से चल रहा है, जिससे कार्गो संचालन तेज होगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से पूर्वी भारत में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
कानून व्यवस्था पर हमला
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि “बंगाल में महाजंगलराज लाने वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “जो कानून तोड़ेगा, जो अत्याचार करेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा—चुन-चुन कर हिसाब लिया जाएगा।”
इतिहास और संस्कृति का जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बंगाल की महान विभूतियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि Swami Vivekananda, Subhas Chandra Bose और Rabindranath Tagore जैसे महान व्यक्तित्वों ने जिस बंगाल का सपना देखा था, भाजपा उसी बंगाल के निर्माण की बात कर रही है।
चुनावी रणनीति का संकेत
राजनीतिक विश्लेषक Ruby Arun का कहना है, “पश्चिम बंगाल की राजनीति में ब्रिगेड ग्राउंड की रैलियों का प्रतीकात्मक महत्व बहुत बड़ा है। यहां से दिया गया संदेश सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी गूंजता है।”
उनके मुताबिक, “यह रैली भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें विकास और कानून व्यवस्था दोनों मुद्दों को एक साथ उठाया जा रहा है।”
बंगाल की सियासत में तेज हुआ तापमान
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही बंगाल की राजनीति का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। एक तरफ भाजपा परिवर्तन का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने की तैयारी में जुटी है।
कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड से उठी यह चुनावी आवाज आने वाले महीनों में बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।
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